आने वाला चुनाव दो राजनीतिक संस्कृतियों के बीच का है – नरेन्द्र मोदी

Narendra Modi

इस समय देश की भावनाएं एक अलग स्तर पर हैं। देश का वीर जवान सीमा पर और सीमा के पार भी अपना पराक्रम दिखा रहा है। पूरा देश एक है और हमारे जवानों के साथ खड़ा है। दुनिया हमारी इच्छा शक्ति को देख रही है

देश की सुरक्षा और सामर्थ्य का संकल्प लेकर हमारा जवान सीमा पर डटा है। हम सब पराक्रमी भारत के नागरिक है, इसलिए हम सबको भी देश की समृद्धि और सम्मान के लिए दिन रात एक करना होगा

हमारा देश नई नीति और नई रीति के साथ अपनी क्षमताओं का विस्तार करने में जुटा हुआ है। भारत का युवा आज उत्साह से परिपूर्ण है, देश के किसान से लेकर देश के जवान तक सभी को ये विश्वास मिला है कि नामुमकिन अब मुमकिन है

भारत को अस्थिर करने के लिए आतंकी हमले के साथ-साथ दुश्मनों का एक मकसद ये भी होता है कि हमारी प्रगति रुक जाए, हमारी गति रुक जाए, हमारा देश थम जाए! उनके इस मकसद के सामने हर भारतीय को दीवर बन कर के खड़ा होना है

इस वैभवशाली न्यू इंडिया के निर्माण के लिए वर्तमान में देश के कोटि-कोटि जनों के विश्वास में जो मजबूती है, जो आत्म विश्वास है, उसे एक धागे में पिरोना है। जिसे हम भारत माता के चरणों में अर्पित कर सके

पूरा देश आज एक है और हमारे जवानों के साथ खड़ा है। हमारी सेनाओं के सामर्थ्य पर हमें भरोसा है इसलिए बहुत आवश्यक है कि कुछ भी ऐसा न हो जिससे उनके मनोबल पर आंच आए। या हमारे दुश्मनो को हमारे पर ऊँगली उठाने का मौक़ा मिल जाए

‘भारत के मन की बात’ के अंतर्गत प्रत्येक देशवासी अपने मन की बात सीधे मुझ तक पहुंचा सकता है। आप सुनिश्चित करे कि आप के बूथ के अधिक से अधिक लोग अपने सुझाव दें। इससे हमारा 2019 का संकल्प पत्र सही मायने में जनता का संकल्प पत्र बन जाएगा

आज जब हम न्यू इंडिया और 21वीं सदी की बात कर रहे हैं तो इसमें फर्स्ट टाइम वोटर की भूमिका महत्वपूर्ण हो जाती है। ऐसे में बूथ कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे अपने बूथ के सभी First Time Voter से संपर्क करें

लोकतंत्र का मूलमंत्र है सत्ता और विपक्ष के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा। इसका पहला पाठ हम अपनी पार्टी के भीतर ही सीखते हैं। ऐसे में सभी बूथ कार्यकर्ताओं के बीच भी एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा होनी चाहिए

2014 से 2019 का समय आवश्यकताओं को पूरा करने का था, जबकि 2019 से 2024 का समय आकांक्षाओं की पूर्ति करने का काल है।

2014 से 2019 बुनियादी जरूरतों को हर घर पहुंचाने का समय था, जबकि 2019 से 2024 का समय तेज उन्नति के लिए उड़ान भरने का काल है

मैं स्पष्ट कहता हूं कि 2014 का चुनाव देश की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए मिला जनमत था और 2019 का चुनाव भारत की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए मिलने वाला जनमत होगा

आने वाला चुनाव दो राजनीतिक संस्कृतियों के बीच का है। एक संस्कृति भाजपा की है, जहां हर काम लोकतांत्रिक तरीके से होता है। दूसरी संस्कृति कांग्रेस समेत अन्य दलों की है, जहां हर काम वंशवाद के आधार पर तय होता है

हमारी पार्टी एक कैडर बेस्ड पार्टी है, इसलिए पार्टी और सरकार दोनों के लिए कार्यकर्ताओं का फीडबैक बहुत महत्वपूर्ण होता है।

इसी के आधार पर सरकारी योजनाओं को जमीन पर साकार करना भी आसान होता है, जो हम मौजूदा कार्यकाल में लगातार करते आए हैं

Author: ElectionAdda